रिपोर्ट- भूपेन्द्र गुप्ता
कटेरा (झांसी)- बड़ी माता मंदिर परिसर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा व्यास राष्ट्रीय कथा वाचक मधुर व्यास ने श्रीमद् भागवत कथा को प्रारंभ करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा देवताओं को भी दुर्लभ है। यह भागवत की कथा भगवान की कृपा से प्राप्त हो पाती है। शतचंडी यज्ञ के दौरान यह अवसर कटेरा के क्षेत्र वासियों को मिला है जिसमें श्रीमद्भागवत काव्य आयोजन कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा भगवान की प्राप्ति कराने वाली है। यह कथा मृत्यु के भय को दूर करके भगवान की और आगे बढ़ाती है और भक्ति के साथ-साथ हमारे ज्ञान वैराग्य को बल देती है। श्रीमद्भागवत की कथा सात दिन का एक ऐसा आयोजन है। जिसमें सात सौपान है जिनके माध्यम से एक.एक करके हम प्रत्येक सोपान पर बढ़ते जाते हैं। अंत में अपने जीवन का लक्ष्य जान जाते हैं श्रीमद्भागवत में भक्तों की ऐसी दिव्य कथाएं हैं जिनको सुनकर हृदय में भक्ति का उदय होता है और साथ ही साथ मनुष्य के जीवन में सुधार होता है। वह मनुष्य अपना जीवन तभी पूर्ण कर सकता है जब वह भगवान की भक्ति करेगा।
श्रीमद्भागवत में गोकर्ण और धुंधकारी के प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने कहा कि धुंधकारी ने बांस में बैठकर पूरा चिंतन करके श्रीमद्भागवत की कथा सुनी इसलिए उसकी मुक्ति हो गई। कथा को सुनने से ही कल्याण नहीं होगा इस पर चिंतन करना आवश्यक है। जितनी भी अच्छी बातें हैं वह संसार में लिखी जा चुकी है। कथा में कटेरा क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु पहले दिन ही उपस्थित हुए जिससे पांडाल भरा रहा कथा को सुनकर आनंदित हुए और भाव विभोर हो गए कथा का समय प्रतिदिन दोपहर एक से पांच बजे तक है। आयोजक समिति ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो कथा लाभ लेने की बात कही है।
