रिपोर्ट- पवन जैन/विजय दुबे
बरुआसागर (झांसी)- दिगंबर जैन मंदिर में श्रमण संस्कृति सांगानेर के विद्वान जतिन शास्त्री ने प्रवचन में बोलते हुए कहा कि मन को मान में नहीं भगवान के गुणगान में लगाएं भगवान के गुणगान में लगाने वाले भक्त के आसपास अहंकार अभिमान कोसों दूर होता है और उत्तम मार्दव धर्म उसके पास सदा रहता है।
सौरभ शास्त्री के द्वारा दोपहर में शमों शरण विधान का वाचन किया गया।
विधान के आज पुण्यर्जक सिंघई राजाबाई जैन परिवार रहा उपरांत रात्रि में भजन एवं पंचपरमेष्ठी भगवान की संगीतमय आरती एवं धार्मिक फैंसी ड्रेस का आयोजन किया गया। जिसमें नन्हे मुन्ने बच्चों ने भाग लिया जिसका संचालन नीतू जैन एवं पूनम जैन ने किया।
उत्तम मार्दव के दिन सुबह श्रद्धालुओं के द्वारा अभिषेक एवं शांतिधारा की गई जिसमे शांतिधारा करने का सौभाग्य सिंघई प्रदीप कुमार संदीप कुमार जैन, अशोक जैन मामा चिराग जैन, सतीश जैन खिमलासा, रविंद्र जैन भेलसा परिवार को प्राप्त हुआ। उक्त कार्यक्रम के उपरांत पंचमेरू व दस लक्षण पूजन महिला व पुरुषो के द्वारा सामूहिक रूप से की गई। इस कार्यक्रम का संचालन दिगम्बर जैन पंचायत समिति के अध्यक्ष सिंघई संदीप जैन एवं महामंत्री विनोद जैन एडवोकेट ने किया उक्त कार्यक्रम में निर्मल अलया, सम्यक जैन बर्तन, राकेश जैन साड़ी, सौरभ चौधरी, पंकज जैन, नेमीचंद जैन एडवोकेट, गुलाब चंद्र जैन अध्यापक, राजकुमार जैन रेल्वे, दीपक जैन, अनिल जैन चुन, विवेक जैन, विशाल जैन, राहुल जैन, सुनील अलया आदि मौजूद रहे।
मन को मान में नहीं भगवान के गुणगान में लगाए

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